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नाबार्ड के स्वयंसहायता समूह, शिल्पकारों तथा कृषक उत्पादक संगठनों के उत्पादों की राष्ट्रस्तरीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री मेला का भव्य उदघाटन
September 29, 2019 • Avi Dubey

“उमंग 2019” :भोपाल हाट

स्वयंसहायता समूह, शिल्पकारों तथा कृषक उत्पादक संगठनो केउत्पादों को बढ़ावा देने और उन्हें एक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से नाबार्ड द्वारा विगत वर्ष एक राष्ट्रस्तरीय प्रदर्शनी -सह-बिक्रीमेला का आयोजन  27 सितंबरसे 02 अक्टूबर2018 तक भोपाल हाट में किया गया था जिसे भोपाल की जनता और तत्कालीन माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल द्वारा काफी सराहा गया था। उसी सिलसिले को जारी रखते हुए नाबार्ड द्वारा इस वर्ष भी राष्ट्र स्तरीय प्रदर्शनी -सह-बिक्री मेला का आयोजन 28 सितंबर से 06 अक्टूबर 2019 तक भोपाल हाट में किया जा रहा है जिसका उद्घाटन मध्य प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री लालजी टंडन के कर-कमलों से भोपाल हाट परिसर में किया गया ।

समारोह का उद्घाटन करते हुये माननीय राज्यपाल महोदय ने कहा कि नाबार्ड ने पिछले 37वर्षों के दौरान मध्य प्रदेश के ग्रामीण और कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नाबार्ड वित्तीय संस्थाओं, राज्य सरकार और गैर सरकारी संगठनों के साथ  मिलकर अपने क्रिया-कलापों से प्रदेश को उन्नति के मार्ग पर ले जा रहा है। उन्होने कहा कि मध्य प्रदेश मे नाबार्ड द्वारा लगातार नवीनतम कार्यक्रम आयोजित कर स्वयंसहायता समूहों, दस्तकारों, शिल्पकारों और हस्तशिल्पियों आदि को एक मंच पर लाकर उनके स्वरोजगार की व्यवस्था कर रहा है।आज की यह राष्ट्रस्तरीय प्रदर्शनी-सह-बिक्री कार्यक्रम नाबार्ड की इसी विचारधारा का पर्यायी है। उन्होने नाबार्ड के इस विशेष प्रयास के बारे में कहा कि नाबार्ड द्वारा गैर-कृषि संबंधी उत्पादकों को अपना सामान जैसे चंदेरी,टसर, महेश्वरी सिल्कबटिक, आभूषण, धातु और चमड़े के शिल्प, टेराकोटा,बाघ प्रिंटिंग तथा अन्य उत्पादों को बेचने के लिये प्रोत्साहित किया जा रहा है।स्वयंसहायता समूहों, दस्तकारों, शिल्पकारों, हस्तशिल्पियों, सिलाई, बुनाई, कढाई और हथकरघा कार्य करने वाले कारीगरों को वृहद रूप से जोडकर उनकी सहकारी समितियां बनाकर वित्तीय सहायता के साथ-साथ उनके उत्पादों की मार्केटिंग का कार्य भी कर रहा है।उन्होने कहा कि देश के कोने-कोने से दस्तकार आज भोपाल आकर अपना उत्पाद बेच रहे है जो मध्य प्रदेश के लिये गर्व का विषय है। विभिन्न भाषाओं के लोगो का इस प्रकार से भोपाल हाट मे एकत्रित होना एक पवित्र उत्सव से कम नही है।

इस अवसर पर श्री अजीत केसरी, प्रमुख सचिव किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग,मध्य प्रदेश शासन ने कहा कि नाबार्ड ने वास्तव मे स्वयंसहायता समूहो को स्वयं की सहायता खुद कैसे की जाये ये आज सिखा दिया है। उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम के सुदुर राज्यों से महिलाओ का आना इसका सटीक उदाहरण है।उन्होने सभी भोपालवासियों से अपील की कि वे महिलाओं व हस्तशिल्पयों द्वारा बनाये गए उत्पादों को खरीदे जिससे कि सभी यहां से इच्छित मुनाफा कमा कर जाये।

उद्घाटन समारोह  के दौरान नाबार्ड के मुख्य महाप्रबन्धक श्री बंसल ने बताया कि शिल्पकारों तथा महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की मार्केटिंग हमारे समक्ष सबसे बड़ी चुनौती है। विगत डेढ़ वर्ष से नाबार्ड नेमध्य प्रदेश में इसके लिए विशेष प्रयास किए हैं। नाबार्ड ने विगत वर्ष इसी प्रकार की प्रदर्शनी का आयोजन किया था जिसमें 6 दिन में 120 कारीगरों ने लगभग 60 लाख रूपये की बिक्री दर्ज की थी। उत्‍तरप्रदेश के एक कारीगर ने तो लगभग 5 लाख रूपये की बिक्री की थी। यह मेला इसी कड़ी में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मेले का उद्देश्य दस्तकारों एवं स्वयंसहायतासमूह की महिलाओं को एक्सपोजर प्रदान करना एवं व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के अलावा उनके विपणन कौशल का विकास करना भी है। इसमें देश के सुदूर पूर्वी राज्यों, अरुणाचल प्रदेश, असम, ओड़ीशा से लेकर जम्मू-कश्मीर, हिमांचल प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, केरल तथा तमिलनाडु राज्य से हस्तशिल्पियों, कृषक उत्पादक संगठन तथा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री हेतु आ रही है। इस मेले में महिलाओं तथा शिल्पकारों द्वारा कुछ विशेष उत्कृष्ट कोटि के उत्पादों की प्रदर्शनी विपणन हेतु लगाई जा रही है। इसके साथ  ही लोगों को प्लास्टिक बैग का उपयोग नहीं करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिये मेले में सभी आगुंतकों को केवल कपड़े से बने बैग ही वितरित किए जाएंगे।  

इस अवसर पर श्री आलोक शर्मा, मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल,  भारतीय डाक सेवा,श्री विवेक अग्रवाल, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिजर्व बैंक, श्री कौशिक सिन्हा,  महाप्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक, भोपाल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक, श्री एस डी मेहुकर, नाबार्ड के महाप्रबन्धक श्रीमती एम खेस्स, डॉक्टर दुष्यंत सिंह चौहान, श्री के. अर्थनारीश्वरनतथा शासन व अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।