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अभाविप के 65 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में कई प्रस्ताव पारित
November 30, 2019 • Avi Dubey

अभाविप के 65 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में राज्य विश्वविद्यालय, वर्तमान राष्ट्रीय परिदृश्य, अनुच्छेद 370 हटाये जानें एवं श्री राम जन्म भूमि निर्णय का अभिनंदन संबंधी प्रस्ताव पारित किये गये - श्री निलेश सोलंकी (प्रदेश मंत्री अभाविप) ने 29-11-2019 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत कार्यालय पर प्रेसवार्ता आयोजित की। जिसमें प्रांत मंत्री श्री निलेश सोलंकी ने बताया कि ए.आई.एस.एच.ई. 2018-19 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में कुल 359 राज्य विश्वविद्यालयों में 18,768 प्राध्यापकों और सभी संबद्ध 37,645 महाविद्यालयों में कुल 2,70,916 प्राध्यापकों के पद रिक्त हैं, जिसके कारण विश्वविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। विद्यार्थी परिषद इन सभी विश्वविद्यालयों से संबधित समस्याओं का निवारण करने के लिए प्रतिबद्ध है। श्री सोलंकी ने कहा कि 65 वां राष्ट्रीय अधिवेशन हाल ही में उत्तर प्रदेश के ब्रज प्रांत के आगरा में सम्पन्न हुआ। इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देश भर के 40 प्रांतों से कुल 1,348 प्रतिनिधियों ने सहभाग किया साथ ही इस अधिवेशन में पड़ोसी देश नेपाल से भी राष्ट्रीय संगठन मंत्री, राष्ट्रीय महामंत्री सहित 28 प्रतिनिधी शामिल हुए। मध्यभारत प्रांत से इस अधिवेशन में कुल 53 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। अधिवेशन का शुभारंभ 23 नवम्बर 2019 को राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एस. सुबैय्या जी एवं राष्ट्रीय महामंत्री श्री आशीष चौहान द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। अधिवेशन का उदघाटन पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायधीश एवं वर्तमान केन्द्रीय प्रशासनिक न्यायधिकरण के अध्यक्ष व हैदराबाद केन्दीय विश्वविद्यालय के कुलपति न्यायमूर्ति श्री एन. नरसिम्हा रेड्डी जी द्वारा किया गया। तदोपरांत वर्षभर चलाये गये अभियान एवं गतिविधियाँ को महामंत्री प्रतिवेदन द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रतिवेदन के पश्चात वर्ष 2018-19 की कार्यकारिणी भंग कर नवीन सत्र 2019-20 के लिए डॉ. एस. सुबैय्या जी को पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सुश्री निधी त्रिपाठी जी को राष्ट्रीय महामंत्री के रूप में निर्वाचन अधिकारी द्वारा सर्व सहमती से निर्वाचित किया गयाज्ञात हो कि सुश्री निधी त्रिपाठी अभाविप की प्रथम महिला महामंत्री हैंइस 65 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में निम्न प्रस्ताव पारित किये गए, जो इस प्रकार हैं - 1. राज्य विश्वविद्यालय का संवर्धन नितांत आवश्यक2. वर्तमान राष्ट्रीय परिदश्य। 3. अनुच्छेद 370 हटाने के पश्चात जम्मू कश्मीर एवं लद्दाक में उभरते अवसर। 4. श्री राम जन्म भूमि पर सदियों बाद आये निर्णय का हार्दिक अभिनंदन।