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अमित-मोदी भाई भाई, सारे देश में आग लगाई -लालजी देसाई  
January 7, 2020 • Avi Dubey

अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय विशारद प्रशिक्षण शिविर का छठवां दिन          
भोपाल 07-01-2020। बैरागढ़ के आकाश पिकनिक हट में अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय विशारद प्रशिक्षण शिविर के छटवें दिन प्रथम सत्र में शिविरार्थियों  को सम्बोधित करते हुए डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि कांग्रेस के लिए भारत माता से आशय पेड़, पहाड़़, नदियों के साथ-साथ पूरे भारत में निवास करने वाले हर धर्म जाति सम्प्रदाय के निवासी भी भारतमाता है । यहां पर हर व्यक्ति को सामाजिक रूप  से न्याय के रूप में एक जैसा स्वरूप  की अनुभूति होती है यही कांग्रेस का धर्मनिरपेक्ष सिद्धांत है।  
शिविर की शुरूआत प्रातः वन्दे मातरम् के साथ हुई, आज के ध्वजवंदन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप  में म.प्र.कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष श्री गोविंद गोयल उपस्थित थे । ध्वजारोहण के बाद प्रशिक्षणार्थियों को संदेश देते हुए श्री गोयल ने कहा कि हमारी विचारधारा देश को एक सूत्र में बांधने की होनी चाहिए हमें गांधीजी की विचारधारा को अपनाना चाहिए । 
प्रशिक्षण शिविर में उपस्थित अ.भा.कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालजी देसाई ने समानता की प्रेक्टिकल क्लास में बताया कि हमें लिंग, वेष, धर्म, जाति, सम्प्रदाय आदि असमानता को दूर करके सम्पूर्ण राष्ट्र में समतामूलक समाज के द्वारा विकास कैसे संभव है । उन्होनें अमित-मोदी भाई भाई, सारे देश में आग लगाई जैसे नारों से शिविरार्थियों में जोश भरा ।  
द्वितीय सत्र में अ.भा.महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री सुष्मिता देव ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांग्रेसजन अपनी विचाराधारा को पहचानें । कांग्रेस जनों की सोच में आर एस एस और भाजपा मुक्त भारत की कल्पना नहीं बल्कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था होना चाहिए । हमारी आईडोलाजी में समाजवाद, गांधीवाद नेहरूवाद विचारधारा का समावेश होना चाहिए । उन्होनें कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही आज तक महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाये है, राजीव गांधी जी ने ही महिलाओं को पंचायती राज व्यवस्था में आरक्षण प्रदान किया जिस कारण पंचायतों में करीब 14 लाख महिलाएं चुनकर अपना योगदान दे रही  है । 
अ.भा.कांग्रेस सेवादल के द्वितीय सत्र को देश के महान वैज्ञानिक श्री गौहर राजा ने शिविरार्थियो को सम्बोधित हुए वैज्ञानिक तरीके से सृष्टि विकास से अपनी बात प्रारंभ कर, पूरे तारामंडल ब्रम्हाण्ड का बिंब बनाते हुए शिविरार्थियों को मानव विकास प्रक्रिया का सिध्दांत समझाया । उन्होनें कहा कि यह समाज जाति धर्म लिंग अनुपात से लेकर सबको समान देखता है और हमने देश की आजादी के पहले एक सपना देखा था कि हमारा देश एक ऐसा देश हो जो धर्मनिरपेक्ष हो जिसमें सबको समान अधिकार हो, जिसमें अमीर गरीब का कोई भेदभाव न हो । गांधी और नेहरू का जो पूर्ण स्वराज का सपना था उसमें एक ऐसा स्वराज जो आर्थिक रूप से स्वाभिमानी हो वैसा ही दुनिया का सबसे खूबसूरत संविधान बाबा साहब अम्बेडकर के नेतृत्व में बना और उस पर 600 लोगों ने हस्ताक्षर किये । उस समय भी और आजादी के पूर्व भी ऐसी ताकते इस देश में मौजूद थी जो ऐसा समाज नहीं चाहती थी। उनकी सोच एक पूूंजीवादी समाज की रही जो देश को बांटना चाहती थी और देश के संविधान से इत्तेफाक नहीं रखते थे । अब ऐसा संविधान कभी नहीं बन सकता ।  आरएसएस का इतिहास है कि उसने इस देश के संविधान को जलाया और इस देश के झण्डे को भी जलाया । आज मोदी और अमित शाह की जोड़ी इस पुराने संविधान को बदलकर उसे तोड़ना चाहती है । 
श्री गौहर राजा ने कहा कि 70 सालों में हमने जो भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत की थी अगर वो चरमराती है तो इस देश की मानवता चरमराती है । अभी जो जामिया यूनिवर्सिटी और जेएनयू में जो हुआ उसकी प्रतिक्रिया पूरे विश्व की यूनिवर्सिटियों में हो रही है । यह देश नौजवानों का देश है और आरएसएस और भाजपा का एजेंडा है कि देश में दिमागों को तोड़ा जाए और यही सब कार्य उनकी सोच का नतीजा है । अंत में उन्होनें अपनी बात कहते हुए कहा कि कांग्रेस और सेवादल नेे इस बात को नहीं पहचाना तो बाद में आजादी से ज्यादा कुर्बानियां देनी होगी । 
कांग्रेस सेवादल के इस राष्ट्रीय विषारद शिविर के शिविराधिपति श्री योगेश यादव के नियंत्रण में चल रहे  शिविर में पधारे सेवादल के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व केन्द्रीय रक्षा राज्य मंत्री श्री सुरेश पचौरी ने प्रशिक्षणाथ्रियां को सम्बोधित करते हुए कहा कि सेवादल के गठन के पीछे सेवादल के संस्थापक डॉ. एनएस हार्डीकर की मंशा को विस्तार से बताया । शिविरार्थियों को जानकारी देते हुऐ उन्होनें बताया कि सेवादल के प्रथम बोर्ड के अध्यक्ष पं.जवाहरलाल नेहरू थे और मध्यप्रदेश का सौभाग्य था कि उस नौ सदस्यीय बोर्ड मेें म.प्र. से पं. माखनलाल चतुर्वेदी भी सदस्थ थे । अंग्रेजी हुकुमत ने 1931 के आसपास कांग्रेस सेवादल को कमजोर करने के लिए उस पर बंदिश लगा दी थी । कांग्र्रेस सेवादल की सोच समाजवादी राज्य की रचना, धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र की परिकल्पना और गुटनिरपेक्षता के सिद्धांतों में विश्वास रखना तथा साम्प्रदायिकता का नाश करना रहा । उन्होंनें कांग्रेस सेवादल के इतिहास के बारे में विस्तार से बताया और अनुभुवों को शिविरार्थियों से सांझा करते हुए कहा कि कांग्रेस सेवादल का कभी विभाजन नहीं हुआ ।
शिविर में पधारे म.प्र. कांग्रेस कमेटी विचार विभाग के प्रमुख श्री भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अंग्रेजों ने कांग्रेस का विरोध करने के लिए आरएसएस और जिन्ना के रूप  में अपने एजेंटों को छोड़ रखा था जिनकी फंडिग भी अंग्रेज हुकुमत किया करती थी। जिसका मकसद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आजादी के सपने को पूरा करने से रोकना था । 
शिविर में पधारे सभी सम्मानीय अतिथियों को म.प्र. कांग्रेस सेवादल के  प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सत्येन्द्र यादव ने शाल श्रीफल व प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया । अ.भा.कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालजी देसाई जी ने सभी सम्मानीय अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।  

सुभाष देशमुख
कार्यालय सचिव