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अपेक्स बैंक में 66वें सहकारी सप्ताह का शुभारंभ
November 15, 2019 • Avi Dubey

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू जी के जन्मदिन पर गुरुवार 14 नवम्बर 2019 को अपेक्स बैंक एवं अपेक्स यूनियन के संयुक्त तत्वाधान में न्यू मार्केट स्थित सुभाष यादव भवन के सभागार में 66वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह का शुभारंभ प्रदेश के सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, कृषि मंत्री सचिन यादव, अपेक्स बैंक के प्रशासक अशोक सिंह, गांधी न्यास के संचालक दयाराम नामदेव, प्रमुख सचिव सहकारिता अजीत केसरी, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं डॉ. एमके अग्रवाल, मार्कफेड प्रबंध संचालक श्रीमती स्वाति मीणा एवं नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंध· एसके बंसल की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। आरंभ में अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर महात्मा गांधी एवं पंडित जवाहरलाल नेहरू के फोटो पर माल्यर्पण व दीप प्रज्जवलन कर गांधीजी पर केन्द्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। सभी को गांधीजी की आत्मकथा पुस्तक भी वितरित की गई। इस अवसर पर अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक प्रदीप नीखरा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। अपेक्स बैंक के प्रशासक अशोक सिंह ने कहा कि प्रदेश में सहकारिता के माध्यम से लगभग 78 लाख किसान प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्थाओं से जुड़े हुए हैं एवं 37 लाख कृषकों को किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 12600 करोड़ का ऋण वितरण किया गया है। इसमें कृषि आदान जैसे 20 लाख मी. टन रासायनिक खाद, 3 लाख मी. टन उन्नत किस्म के बीज कृषकों को प्रदाय किये जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 17000 से अधिक उचित मूल्य की दुकानों का संचालन किया जा रहा है, जिनके माध्यम से लगभग 55 लाख ग्रामीण उपभोक्ताओं को गेहूं चावल शक्कर आदि 1.99 लाख मी. टन उपभोक्ता सामग्री प्रदाय की जा रही है। कृषकों को उपज की अच्छी कीमत प्राप्त हो, इस हेतु समर्थन मूल्य पर लगभग 3500 उपार्जन केन्द्र सहकारी समिति के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित हैं, जिनके द्वारा धान, मोटा अनाज, गेहूं, दलहन, तिलहन यथा - चना, मूंग, उड़द, सरसों, मूंगफली आदि कृषकों से  क्रय की जाती है। विगत वर्ष में 25 लाख किसानों से 119.83 लाख मी. टन राशि रू. 27747 करोड़ का उपार्जन हुआ, जिससे कृषकों को उचित मूल्य प्राप्त हुआ। ग्रामीण अंचल में कृषकों की अमानतों के लिए 3260 बचत काउन्टर हैं, जिसमें राशि रू. 1330.50 ·रोड़ बचत के रूप में जमा हैं। सहकारी समितियों की गांव-गांव तक पहुंच है। अभी भी नवाचार सहकारी समितियों से करने के भरपूर अवसर हैं, जिनके माध्यम से सहकारिता के सभी क्षेत्रों में बेहतर काम किए जा सकते हैं। 
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के सहकारी आन्दोलन ने लगभग 15 वर्ष पूर्व प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्रीगण अर्जुन सिंह एवं दिग्विजय सिंह के मार्गदर्शन में सुभाष यादव जैसे कर्मठ योद्धा के मार्गदर्शन में जो गति पकड़ी थी, उसे पुन: सहकारिता के समस्त कार्यकर्तागण प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व एवं सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह के मार्गदर्शन में नई दिशा प्रदान करने के लिए निरन्तर सघन प्रयास जारी हैं।
इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. गोविंद सिंह ने कहा कि सहकारिता की मूल भावना राष्ट्रपिता महात्माग गांधी एवं देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के विचारों पर केन्द्रित हैं। गांधी जी का सपना था कि देश के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को आर्थिक और सामाजक रूप से सुदृढ़ बनाया जाए और हम सभी इसी दिशा में निरन्तर प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि देश में सबसे पहले सहकारिता की नीवं रखी गई थी और मध्यप्रदेश में ही सहकारी बैंक की सबसे पहले स्थापना हुई थी। उन्होंने कहा कि आज इस भवन में बैठकर हमारे वरिष्ठ साथी सुभाष यादव का स्मरण आता है, उन्होंने किसानों को न्याय दिलाने और सहकारी आन्दोलन को सफल बनाने के लिए कितना संघर्ष किया और आज यह भवन भी उनके प्रयासों की ही देन है।
 प्रदेश के कृषि मंत्री सचिन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सरकार सदैव ही कृषि और सहकारिता के क्षेत्र में निरन्तर गरीब, सर्वहारा, मजदूर और खेतीहर वर्ग के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के आशीर्वाद और सहाकारिता मंत्री के मार्गदर्शन में सहकारी आन्दोलन सदैव प्रगतिपथ पर आगे बढ़ रहा है। इस भवन में मैं जब भी आता हूं, तब आदरणीय पिताजी स्वर्गीय श्री सुभाष यादवजी की याद आती है, मैंने बचपन से उनको कमजोर, पिछड़े वर्ग और जरूरतमंद लोगों के लिए सदैव संघर्ष करते देखा है और उस जमाने में सहकारिता में संघर्ष का दौर था, आज उसके परिणाम फलीभूत हो रहे हैं। मुझे विश्वास है कि सहाकारी सप्ताह के दौरान प्रदेश के अनेक सहकारी संस्थाओं द्वारा निरन्तर मंथन करके जो सुझाव सरकार को दिए जाएंगे, उन पर हम लोग अवश्य कार्यवाही करने हेतु प्रतिबद्ध हैं। मैं सहकारी आन्दोन से जुड़े प्रदेश के कोने कोने से पधारे सहकारी कार्यकर्ता की उपस्थिति से अभिभूत हूं और उन्हें सहकारी आन्दोलन की सफलता की शुभकामना देता हूं। मुझे खुशी है कि आज प्रदेश का सहकारी शाखा आन्दोलन प्रदेश की 24 शाखाओं एवं 38 जिला सहकारी बैंकों तथा 4524 प्राथमिक सहकारी संस्थाओं के माध्यम से निरन्तर सफलता के पथ पर अग्रसर है।
मध्यप्रदेश का सहकारी बैंक बेहतर : एसके बंसल
कार्यक्रम   में नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक एसके बंसल ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का सहकारी बैंक अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर है। पेक्स का कम्प्यूटराईजेशन करने की दिशा में भी प्रयास चल रहे हैं, जिससे बैकिंग कार्य आसान होगा। इस अवसर पर केसला कुक्कुट पालन समिति के समन्वयक दीपक, रूद्र विष अनुसंधान समिति के समन्वयक मनु गुप्ता एवं म.प्र. ग्रामीण आजीविका मिशन समन्वयक दिनेश शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।