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अपेक्स बैंक में आयुर्वेदिक चिकित्सा शिविर
December 7, 2019 • Avi Dubey

स्वस्थ्य जीवन ईश्वर का सबसे बड़ा उपहार है, इस उपहार को सुरक्षित और बनाये रखना मनुष्य की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। इसे हम नियमित दिनचर्या,सही खानपान एवं मर्म चिकित्सा से भी स्वस्थ बना सकते हैं। यह उद्गार सहकारिता विभाग एवं अपेक्स बैंक द्वारा आयोजित रीढ़ से संबंधित रोग (कमर दर्द, सिलप डिस्क,साईटिका), कन्धे के संबंधित (फ्रोजन सोल्डर), गर्दन से संबंधित रोग (सर्वाइकल, स्पॉडीलाइटिस) मर्म चिकित्पा शिविर में  डॉ. एम.के.अग्रवाल, आयुक्त सहकारिता द्वारा व्यक्त किये गये। चिकित्सा शिविर का आयोजन भोपाल में 30.11.2019 से 5.12.2019 तक अपेक्स बैंक ट्रेनिंग कॉलेज में आयोजित किया गया जिसमें 252 रोगियों का पंजीयन किया गयां प्रथम दिन से अंतिम दिन तक 136 रोगियों द्वारा नियमित उपचार कराया गया जिसमें 445 थिरेपी प्रदान की गई। उपचार उपरांत अनेक लोगो ने अवगत कराया कि उन्हें बहुत ही आराम है तथा यह शिविर प्रतिमाह लगाने का भोपाल में ही आरंभ करने के सुझाव दिए गए। शिविर में सहकारिता विभाग एवं अपेक्स बैंक के अलावा पुलिस विभाग एवं अन्य विभाग के लोगों ने भी उपचार करायां डॉ. धमे न्द्र कुमार रिछारिया, एम.डी. (आयुर्वेद) एवं डॉ. स्वर्णिमा रिछारिया (बी.ए.एम.एस) जैसे योग्य चिकित्सकों द्वारा मर्म चिकित्सा, नाड़ी शोधन चिकित्सा के माध्यम से उपचार किया गयां डॉ. धर्मेन्द्र कुमार रिछारिया ने अब तक लगभग 7,000 लोगों का सफल उपचार किया है तथा रोगियों का सर्जरी से बचाव कर आयुर्वेदिक पद्धति से उपचार किया गया है। डॉ. धर्मेन्द्र रिछारिया ने अपने उदबोधन में यह बताया कि मर्म चिकित्सा आयुर्वेद की चिकित्सा हे जो कि शरीर के 107 संवेदनशीन स्पर्श बिन्दुओं के उपयोग पर आधारित है। मर्म स्पर्श बिन्दु में प्राण की उर्जा का केन्द्र भी है। जिससे रोगी की मूल प्रकृति को जानकर उपचार किया जाता है, जिसमें शरीर के विभिन्न संवेदनशील स्पर्श बिन्दुओं के माध्यम से उर्जा एवं चेतना को जाग्रत किया जाता है। शरीर के दोष, विषैले तत्वों के सूक्ष्म स्तर से दूर किया जाता है, जिससे एक्यूट एवं क्रानिक दर्द को दूर किया जाता है, एवं महत्वपूर्ण रोग प्रतिरोधक क्षमता का बढ़ना है। मर्म चिकित्सा आयुर्वेद में वार्णित महत्वपूर्ण चिकित्सा पद्वति है। कहा जाता है कि आयुर्वेद में आकस्मिक रोगी का उपचार नही होता है। लेकिन मर्म चिकित्सा ने इस भ्रांति को दूर कियां इसमें कोई अतिश्योक्ति नही है। यह शॉर्टेस्ट वे आँफ ट्रीटमेंट है  जिसका तुरन्त ही रिस्पान्स देखा गया है।'' कार्यक्रम के समापन में डॉ. धर्मेन्द्र रिछारिया एवं डॉं. स्वर्णिमा रिछारिया का सम्मान कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती नंदिनी मोहन्ती जी द्वारा किया गया एवं डॉ. धर्मेन्द्र रिछारिया, डॉं. स्वर्णिमा रिछारिया एवं उनकी टीम के सदस्यों को स्मृति चिह्न प्रदान किये साथ ही चिकित्सा शिविर का प्रबंधन करने वाले सहकारिता विभाग एवं अपेेक्स बैंक के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशंसापत्र भी प्रदान किये। कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री अजय दीक्षित, श्री आर.सी.घिया, श्री अनिल वमा्र, श्री ब्रजेश शुक्ला व अन्य अधिकारी/कर्मचारी भी उपस्थित हुए। समापन के अंत में श्री प्रदीप नीखरा, प्रबंध संचालक, अपेक्स बैंक द्वारा पुनः चिकित्सा शिविर के माध्यम से डॉ,. द्वय को भोपाल में चिकित्सा सेवाऐं देने हेतु आग्रह किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती शीलू अस्थाना, अपेक्स बैंक एवं श्री प्रेम द्विवेदी, उपायुक्त सहकारिता द्वारा किया गयां शिविर की प्रगति के संबंध में प्रेम द्विवेदी द्वारा संक्षिपत में बताया गयां।