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ब्रह्मचारी गिरीश जी  ‘भारत शिक्षा रत्न’ पुरस्कार से सम्मानित
December 7, 2019 • Avi Dubey

 

(भोपाल) देश के अग्रणी स्कूलों की श्रृखंला में शामिल महर्षि विद्यामंदिर स्कूल समूह के अध्यक्ष ब्रह्मचारी गिरीश जी को नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय समारोह में 'भारत शिक्षा रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह समारोह राष्ट्रीय एचीवर्स रिकोनाईजेशन फोरम द्वारा आयोजित किया गया था। समारोह में कई देश-विदेश ख्याति प्राप्त शिक्षाविद और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। ब्रह्मचारी गिरीश को पिछले दो माह पूर्व शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए भोपाल में ज्योतिर्मय अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।

परमपूज्य महर्षि महेश योगी जी जो कि देश के परमपूज्य संत एवं विश्व के महान चेतना वैज्ञानिक हैं उनके तपोनिष्ठ शिष्य ब्रह्मचारी गिरीज जी हैं। ब्रह्मचारी गिरीश जी ने मात्र 23 वर्ष की उम्र में हालैंड में महर्षि महेश योगी जी के सानिध्य में कार्य करना प्रारंभ किया था। ब्रह्मचारी गिरीश जी की महाविद्यालिन शिक्षा मध्यप्रदेश के जबलपुर में संपन्न हुई। वर्ष 1990 में महर्षि महेश योगी जी ने महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों की स्थापना का कार्य ब्रह्मचारी गिरीश जी को सौंपा। तब से लेकर अब तक संपूर्ण भारत के 16 प्रांतों में 163 महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों  की स्थापना ब्रह्मचारी गिरीश जी द्वारा की जा चुकी है। इन महर्षि विद्या मंदिर विद्यालयों में आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कार युक्त चेतना आधारित शिक्षा लाखों विद्यार्थी ग्रहण कर रहे हैं। ब्रह्मचारी गिरीश के निर्देशन में महर्षि महेश योगी वैदिक विश्वविद्यालय करौंदी (मध्य प्रदेश) एवं महर्षि मैनेजमेंट एवं टैक्नोलाजी विश्व विद्यालय रायपुर (छत्तीसगढ़) लाखों विद्यार्थियों को मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान कर रहे हैं जिसमें लाखों छात्र लाभांवित हो रहे हैं। 

शिक्षा के क्षेत्र में इन सभी उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए ब्रह्मचारी गिरीश जी को नई दिल्ली में 'भारत शिक्षा रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एक राष्ट्रीय सेमीनार के दौरान नई दिल्ली में कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में यह पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार प्राप्त होने पर कई शिक्षाविदों एवं गणमान्य नागरिको ने ब्रह्मचारी गिरीश जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है।