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देश में शोध एवं तकनीकी विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए - डॉ. आर.के.आर्य
December 7, 2019 • Avi Dubey

30 बाल वैज्ञानिकों का राष्ट्रीय अधिवेषन के लिए चयन

भोपाल- 05/12/2019।  स्वयंसेवी संस्था साइंस सेन्टर (ग्वा.) म.प्र. द्वारा गिरधर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस-2019 का समापन उल्लास के वातावरण में हुआ। राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली के सहयोग से इस राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में 250 बाल वैज्ञानिकों ने अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए। बाल विज्ञान कांग्रेस में 30 बाल वैज्ञानिकों का चयन राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए किया गया है। राष्ट्रीय आयोजन 27 दिसम्बर से तिरूवनन्तपुरम (केरल) में प्रारम्भ होगा।  चयनित बाल वैज्ञानिकों में कनिष्ठ वर्ग- आदि श्रीवास्तव एवं मयूरी मंजूनाथ मोतागी भोपाल, तनुज भारद्धाज सागर, युवराज राजपूत सतना, वेदिका पाण्डेय शहडोल, मुस्कान साहू रायसेन,  निकिता यादव होशंगाबाद, गौरी सेंगर ग्वालियर, राजवर्धन नायर बैतूल एवं अक्षत रोकाडे शाजापुर ।
वरिष्ट वर्ग- घनश्याम साकेत रीवा, उदय साहू  एवं नवान्शू दिवाकर भोपाल, लीना  कलभोर बैतूल, ईशा तोमर शाजापुर, उर्मिला सनोदिया सिवनी, अभिजीत पटेल सागर, नेहा सिंह परिहार शहडोल, मिष्ठी जैन गुना, पंकज जालौन शिवपुरी, प्राची मिश्रा रीवा, अमेय जैन छिन्दवाड़ा, शशांक चतुर्वेदी ग्वालियर, अंजन्य गंगराडे खण्डवा, रिऋभ जैन सिंगरौली, सुहाना ठाकुर बुरहानपुर एवं अलिशा अली इंदौर के  बाल वैज्ञानिक शामिल हैं। 
    गिरधर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के परिसर में आयोजित बाल विज्ञान कांग्रेस के समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् भोपाल के महानिदेशक डॉ. आर.के आर्य ने कहा कि देश के विकास के लिये स्वदेशी तकनीक का मजबूत होना जरूरी है। देश में शोध एवं तकनीकी विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तकनीक पर विदेशी निर्भरता देश को कमजोर बनायेगी। उन्होंने कहा कि भारत आज एक मजबूत देश के रूप में उभरा है। इसमें विज्ञान एवं तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि समाज में वैज्ञानिक सोच की मजबूती देश के विकास में सहयोगी होगी।
    समापन समारोह को संबोधित करते हुए सेम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, भोपाल उपाध्यक्ष श्री अभिराज चावला ने कहा कि वैज्ञानिक बनने में सृजनात्मकता का बहुत हाथ होता है । अतः इस दिशा में बाल विज्ञान कांग्रेस एक महत्वपूर्ण गतिविधि है । उन्होंने इस आयोजन के लिए साइन्स सेन्टर (ग्वा.) मप्र को बधाई दी । 
    कार्यक्रम में डॉ. एन.के. तिवारी चेयरमेन गिरधार ग्रुप आफॅ इंस्टीटयूशन्स ने कहा कि जीतना हारना तो चलता रहता है, महत्वपूर्ण है कि आपने इसमें भागीदारी की । यदि आप वैज्ञानिक सोच बनाये तो दैनिक जीवन की बहुत सी समस्याओं का समाधान कर सकते है ।   कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण तामोट, प्रोफेसर एम.एल.बी. कॉलेज भोपाल,, डॉ. नीता तिवारी डायरेक्टर , श्री एस.सी. पाण्डेय गिरधार ग्रुप आफॅ इंस्टीटयूशन्स उपस्थित थे।  समापन समारोह में सभी प्रतिभागी बाल वैज्ञानिको, जिला समन्वयकों, जिला प्रतिनिधि, एस्कार्ट शिक्षक एवं अन्य को मैडल, स्मृति चिन्ह तथा प्रमाण पत्र आदि से सम्मानित किया गया ।  राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए चयनित 30 बाल वैज्ञानिकों को म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् भोपाल द्वारा 2000-2000 रू. प्रोत्साहन राशि तथा आदिवासी बच्चों की 3 सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं को दस हजार रूपये की प्रोत्साहन राशि दी गई ।
   
संध्या वर्मा
प्रदेश सचिव