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धनप्रसाद की मौत नहीं हुई, कमलनाथ सरकार ने की है उसकी हत्या : राकेश सिंह
January 23, 2020 • Avi Dubey
भोपाल। जिंदा जलाए गए सागर के दलित युवक धनप्रसाद अहिरवार ने सरकार की उपेक्षा और शासन प्रशासन की लापरवाही के चलते दम तोड़ दिया। अगर समय रहते उसकी चिंता की जाती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। हम कह सकते हैं कि धनप्रसाद की मौत नहीं हुई, बल्कि कांग्रेस की कमलनाथ सरकार ने उसकी हत्या की है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह ने दलित युवक धनप्रसाद अहिरवार के निधन पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कही।
प्रदेश सरकार ने नहीं की गरीब, दलित युवक की चिंता
प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने कहा कि जिंदा जलाए जाने के पहले ही धनप्रसाद प्रशासन के सामने गुहार लगा चुका था, परंतु उसकी नहीं सुनी गयी। उसे जलाए जाने के बाद जब भाजपा ने इस मामले को लेकर प्रतिक्रिया शुरू की, तो प्रदेश सरकार की नींद खुली और उसे हमीदिया अस्पताल के जनरल वार्ड में भर्ती करके तड़पने के लिए छोड़ दिया गया। श्री सिंह ने कहा कि घटना की जानकारी मैंने दिल्ली में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष श्री कथेरिया एवं केन्द्रीय मंत्री श्री थावरचन्द गेहलोत को दी। श्री कथेरिया ने संज्ञान लेते हुए आयोग के उपाध्यक्ष को भोपाल भेजा था। भोपाल में उसकी हालत देखकर उन्होंने कहा कि युवक की हालत गंभीर है, उसके इलाज का समुचित प्रबंध किया जाना चाहिए। उसके बाद उसे एयरलिफ्ट करके दिल्ली भेजा गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। प्रदेश सरकार ने उस उस गरीब की चिंता नहीं की, आखिरकार उसने दम तोड़ दिया।
वोट बैंक के लिए किसी भी सीमा तक जा सकती है कांग्रेस
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस वैसे तो अनुसूचित जाति के नाम की दुहाई देती रहती है, लेकिन अपने वोटबैंक के तुष्टिकरण और सांप्रदायिकता की बात आती है, तो वोटबैंक को खुश करने वह किसी भी सीमा तक जा सकती है। उस गरीब धनप्रसाद को 12 से 15 लोगों की भीड़ ने जलाया था, परंतु गिरफ्तारी सिर्फ चार ही लोगों की हुई है। वजह यह है कि जिन लोगों ने उसे जिंदा जलाया था, वे अल्पसंख्यक समुदाय के लोग हैं। श्री सिंह ने कहा कि आज वह गरीब व्यक्ति संसार में नहीं है और भारतीय जनता पार्टी इस घटना की कडी निंदा करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार को शर्म आना चाहिए कि इतनी बड़ी घटना हो गयी, परंतु मुख्यमंत्री या कोई मंत्री धनप्रसाद अहिरवार से मिलने नहीं गया।
दलित की हत्या पर मुख्यमंत्री का मौन शर्मनाक
श्री सिंह ने कहा कि भाजपा इस घटना को गंभीरता से ले रही है। कल हमारा आंदोलन है, उसके बाद इस विषय को लेकर भी भारतीय जनता पार्टी सड़कों पर उतरेगी। उन्होंने कहा कि एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति की निर्मम हत्या हो जाने पर मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूरे मंत्रिमंडल का मौन रहना बेहद शर्मनाक है। अनुसूचित जाति के लोगों के नाम पर वोट बैंक की राजनीति करने वाली कांग्रेस के पास एक गरीब की हत्या पर कहने के लिये दो शब्द भी नहीं है। अनुसूचित जाति के नाम पर राजनीति करने वाली कांग्रेस और मायावती सब आज मौन हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण और निदंनीय है।