ALL Current events Technology Social RGPV Updates COVID-19
हड़ताल करेंगे 10 लाख बैंक कर्मी 
January 24, 2020 • Avi Dubey

31 जनवरी-01 फरवरी, 11, 12 एवं 13 मार्च 2020 को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़तालें
01 अप्रैल 2020 से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल

भोपाल, 24.01.2020।  यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स, जिसमें कि नौ बैंक कर्मचारी-अधिकारी संगठन शामिल हैं एवं यह करीब शत-प्रतिशत बैंक कर्मियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, के आह्वाान पर देशभर के दस लाख बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी ”26 माह से लम्बित वेतन पुनरीक्षण समझौता एवं सम्बन्धित मुद्दों के शीघ्र निराकरण की माँग को लेकर 31 जनवरी एवं 01 फरवरी 2020“ को दो दिवसीय तथा 11, 12 एवं 13 मार्च 2020 को तीन दिवसीय एवं 01 अप्रैल 2020 से अनिश्चितकालीन राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल में भाग लेंगे।
हड़ताल के पूर्व के कार्यक्रमों के तारतम्य में फोरम की स्थानीय इकाई के तत्वावधान में आज शाम 6 बजे राजधानी की विभिन्न बैंकों के सैकड़ों बैंक कर्मचारी अधिकारी पंजाब नैशनल बैंक के अरेरा हिल्स, भोपाल स्थित जोनल ऑफिस के सामने एकत्रित हुए। उनहोंने अपनी माँगाों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रभावी प्रदर्शन किया। तत्पश्चात सभा हुई, जिसे फोरम के पदाधिकारियों साथी वी.के. शर्मा, मदन जैन, अरूण भगोलीवाल, नजीर कुरैशी, आशीष तिवारी, एम.एस. जयशंकर, संजय कुदेशिया, वी.एस. नेगी, सुनील सिंह, दीपक रत्न शर्मा, जे.पी. झंवर, एम.जी. शिन्दे, राजेश लाला, रजत मोहन वर्मा, प्रदीप बिलाला, गुणशेखरन, आर.के. हीरा, जे.पी. दुबे, अभय वर्मा, ए.एस. तोमर आदि ने सम्बोधित किया।
वक्ताओं ने बताया कि बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों का वेतन पुनरीक्षण हर पॉंच वर्ष में होता है। वर्तमान में यह करीब 26 माह से लम्बित है। पिछले वेतन पुरीक्षण समझौता की अवधि 31.10.2017 को समाप्त हो गई है। इसके पश्चात 01.11.2017 से नया वेतन समझौता लागू होना था। बैंक कर्मचारी-अधिकारी संगठनों ने अपना माँग-पत्र बैंकों के उच्च प्रबंधन की संस्था भारतीय बैंक संघ को नियत समय पर प्रेषित कर दिया था। यूनियन एवं भारतीय बैंक संघ के बीच वार्ताओं के दौर 02 मई 2017 से प्रारंभ हो गये थे। बैंक प्रबंधन ने आश्वासन दिया था कि अक्टूबर 2017 तक नया वेतन समझौता हस्ताक्षरित कर लिया जावेगा, लेकिन बड़े ही दुर्भाग्य की बात है कि दोनों पक्षों के बीच करीब 21 वार्ताओं के बाद भी वेतन समझौता हस्ताक्षरित नहीं हो सका।
यूनियन द्वारा 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि की माँग के बदले बैंक प्रबन्धन द्वारा मात्र 12.25 प्रतिशत वेतन वृद्धि काा प्रस्ताव रखा, जिसे यूनियनों द्वारा अस्वीकार कर दिया गया। वेतन वृद्धि के साथ-साथ माँग-पत्र के अन्य सम्बन्धित मुद्दें के ऊपर भी कोई निर्णय नहीं हो सका। वक्ताओं ने बताया कि आन्दोलित बैंक कर्मियों की माँग है कि- पे-स्लिप कम्पोनेन्ट पर 20ः वृद्धि एवं उचित लोडिंग के साथ वेतन पुनरीक्षण समझौता, 5 दिवसीय बैंकिंग, मूल वेतन के साथ विशेष भत्तों का विलय, नई पेंशन योजना (एनपीएस) को समाप्त करो, पेंशन को अद्यतन (नचकंजपवद) करो, परिवार पेंशन में सुधार करो, ऑपरेटिंग लाभ के आधार पर कर्मचारी कल्याण निधि के लिए रकम जारी की जाए, सेवानिवृत्ति लाभों पर बिना किसी सीमा के आयकर से छूट दी जाए, बैंक की शाखाओं में व्यवसाय का समय, भोजनावकाश का समय आदि की परिभाषा में एकरूपता हो, अवकाश बैंक प्रारंभ हो, अधिकारियों के लिए कार्य का समय निश्चित किया जाए, कांन्ट्रेक्ट कर्मचारियों/व्यापार प्रतिनिधियों को समान काम के लिए समान वेतन लागू हो।
वक्ताओं ने बताया कि भारतीय बैंक संघ (आई.बी.ए.) ने हमारी सम्मानजनक वेतन समझौते की माँग पर अडि़यल एवं हठधर्मितापूर्ण रवैया अपनाया हुआ है। हमारी ये राष्ट्रव्यापी बैंक हड़तालें इसी कारण से की जा रही हैं। उन्होंने बैंक कर्मियों को आह्वान किया कि हर स्तर पर अपनी एकता एवं एकजुटता का इज़हार कर प्रदर्शनों, सभाओं, रैलियों एवं हड़तालें में शामिल होकर इन्हें सफल बनावें।
प्रदर्शन एवं सभा में मुख्य रूप से साथी दीपक रत्न शर्मा, मदन जैन, डी.के. पोद्दार, वी.के. शर्मा, संजीव सबलोक, अरूण भगोलीवाल, प्रदीप बिलाला संजय कुदेशिया, नजीर कुरैशी, जे.पी. झंवर, एम.जी. शिन्दे, संतोष जैन, बी.एस. नेगी, रजत मोहन वर्मा, आशीष तिवारी, सुनील सिंह, राजेश लाला, गुणशेखरन, जे.पी. दुबे, प्रभात खरे, बाबूलाल राठौर, बी.सी. पौणिकरण, एम.एस. जयशंकर, बी.एस. रावत, सत्येन्द्र चौरसिया, अशोक पंचोली, सी.एस. शर्मा, जी.बी. अणेकर, विजय जगन, सुनील देसाई, जे.पी. जैन, दीपक जैन, आर.के. निगम, योगेश मनूजा किसन खैराजानी, कैलाश माखीजानी, महेश जिज्ञासी, सौरभ पाराशर, विजयपाल, जे.डी. मलिक, अमोल, वैभव गुप्ता, सनी श्रीवास्तव, बालीजी, नरेश सधानी, राजेन्द्र भाई, खालिद भाई, नारायण पंवार, विश्वामित्र दुबे, रामाश्रय, सुदीप विश्नोई रीतेश शर्मा, संजय वर्मा, संजय धान, शैलेन्द्र नरवरे, मंगेश दवांदे, विशाल धमेजा, देवेन्द्र खरे, महेश पहलाजानी, कृष्णा, संदीप, वी.पी. गौर, आनन्द खोखले, अमिताभ चटर्जी, वी.के. कोठारी, दर्शन भाई, सतीश चौबे, गौरव दुबे, एन.जे.एस. तलवार, अबध वर्मा, प्रदीप कटारिया, पंकज सक्सेना, बसंत जोशी, आनन्द, शोभित वाडेल, अमित शर्मा, गोवर्धन मिश्रा, अरविन्द बिलगैया, हेमन्त मुक्तिबोध, सितान्शु शेखर, संजय नागचण्डी, जी.पी. चांदवानी, तपन व्यास, अविनाश धमेजा, मिलिन्द डेकाटे, इकबाल बहादुर, एस.पी. मालवी, रंजीत राय, रवि ठाकुर, करीम खान, आनन्द अग्रवाल, मनीष बौरा, मनोज कौशल, मनोज श्रोते, विजय चोईथानी, राकेश भारद्वाज, वी.के. त्रिपाठी, दीपक शुक्ला, लखन तिलवानी, रवि विश्वकर्मा, प्रभात सक्सेना, मयंक गुप्ता, ओ.पी. टहलयानी, रणजीत सिंह, संदीप चौबे, अनिल मरोती, अनुज भार्गव, बारेलाल यादव, जितेन्द्र शर्मा, भूपेन्द्र शर्मा, मदनलाल विश्वकर्मा, अविनाश चिंचोरे, मुकेश प्रजापति, देवेन्द्र मीणा, राहुल मालवीय, कुणाल गावड़े, चेतना साहू, मीनाक्षी बख्क्षी, सुषमा सूरी, बीना सुरेश, प्रियंका गढ़वाल, मीना नेहा यादव, अभिलाषा राठौर, ऋचा सक्सेना, श्रीमती शुभप्रभा गुप्ता, सुनीता वर्मा, बीवा दमन, तृप्ति जोशी, मोनिका पारते आदि उपस्थित थे।
(गुणशेखरन)
प्रवक्ता