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कैब पर कमलनाथ का बयान, 'जो कांग्रेस का रुख होगा, वही एमपी सरकार का होगा'
December 13, 2019 • Avi Dubey


   भोपाल 13 दिसम्बर , संसद के दोनों सदनों से पास होने के बादराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी अब नागरिकता संशोधन बिल कानून बन गया। अब इसके प्रावधान को देश में लागू किया जा सकेगा। वहीं कांग्रेस पार्टी इसका विरोध कर रही हैं, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि  क्या कांग्रेस शासित राज्यों में इस अधिनियम को लागू किया जाएगा। इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली में बयान दिया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम पर जो रुख कांग्रेस का होगा वहीं रुख उनकी सरकार का होगा। दिल्ली मे इंडियन वूमेन प्रेस कोर में पत्रकारों से बातचीत में कमलनाथ ने यह टिप्पणी की।
 कमलनाथ ने कहा, ''कोई भी ऐसा कानून जो समाज को बांटता है। उस पर कांग्रेस का जो रुख होगा वही रुख मध्यप्रदेश सरकार अपनाएगी।" कमलनाथ ने यह भी कहा कि अर्थव्यवस्था की स्थिति से ध्यान भटकाने के लिए नागरिकता संशोधन सरीखे विधेयक लाए जा रहे हैं। कमलनाथ के बयान से साफ़ है कि कैब को मध्यप्रदेश में लागू नहीं किया जाएगा। इससे पहले पंजाब और पश्चिम बंगाल छ्त्तीसगढ और पंजाब की सरकारों ने भी कहा है कि वे नागरिकता संशोधन अधिनियम को अपने यहां लागू नहीं होने देंगे।  
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने कहा है कि सीएम  कमलनाथ  ने साफ़ कहा है कि उनका स्टैंड कांग्रेस पार्टी के स्टैंड पर रहेगा। और बिल पर केंद्रीय सरकार ने मुख्यमंत्रियों से चर्चा नहीं करने पर कहा कि क्या यही भारत का संघीय ढाँचा है? कैप्टन अमरिंदर सिंह जी भी साफ़ कर चुके हैं कि वो पंजाब में लागू नहीं करेंगे। कांग्रेस भी इस संविधान पर हमला करने वाले बिल के विरोध में सड़कों पर है। गर्व है कि हम कांग्रेस हैं जो अपने सिद्धांतों को राजनीति से ऊपर रखती है भाजपा ने अपनी राजनीति के लिए पहले कश्मीर और अब असम जला दिया'
 मप्र में कैब और एनआरसी लागू हुआ तो इस्तीफ़ा दे दूंगा: आरिफ मसूद
इससे पहले कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में यह विधेयक लागू किया तो मैं विधायक पद से इस्तीफा दे दूंगा। यह बयान उन्होंने  चारबत्ती चौराहा पर विधेयक के विरोध में आयोजित की गई आम सभा के दौरान कहा। विधायक मसूद ने कहा कि 'मैं अपने नेता से कहूंगा कि जिस तरह बंगाल में ममता बनर्जी ने साहस दिखाया है। उसी तरह हमारी सरकार भी साहस दिखाए और प्रदेश में एनआरसी को लागू होने से रोके। यदि सरकार ने नहीं माना तो मैं विधानसभा का सदस्य नहीं रहूंगा।'