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निर्भया शहादत  दिवस पर कैंडल मार्च
December 16, 2019 • Avi Dubey

उदय संस्था के तत्वाधान से आयोजित महिला हिंसा विरोधी पखवाड़ा बोलो, रोको और टोको  अभियान का समापन  दिनाक  16 दिसंबर  निर्भया शहादत  दिवस पर कैंडल मार्च के माध्यम से किया गया |  

बोलो , रोको और टोको अभियान के अंतिम दिन, उदय सामाजिक विकास  संस्था  ने निर्भया  और प्रियंका रेड्डी को श्रद्धांजलि देने के लिए कैंडल मार्च का आयोजन किया। जिसमे महिलायों के साथ देश भर में हो रहे जघन्य अपराधो को रोकने के लिए कठोर कानून व्यवस्था होने की बात की | इसपर, बस्ती की महिलायों ने अपना आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, कि निर्भया के आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिले और कानून इतना सक्त हो की अपराधियों के मन में भय हो ताकि भविष्य में महिलायों , बच्चियों और किशोरियों के  साथ ऐसी घिनौनी घटनाये घटित ना हो और समाज में महिलायों को सुरक्षित माहौल मिले | 150 से अधिक महिलाओं और किशोरियों ने निर्भया और प्रियंका को भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए मौन धारण किया और मोमबत्ती जलाई |

21-दिवसीय अन्तराष्ट्रीय महिला हिंसा विरोधी पखवाडा 25 नवंबर 2019 को शुरू हुआ और 16 दिसंबर 2019 - कैंडल मार्च के साथ समाप्त किया गया । अभियान का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों पर हिंसा के नकारात्मक प्रभाव से समुदाय को अवगत कराना और महिलाओं को अत्याचार के खिलाफ लड़ने के लिए सशक्त बनाना था। इस अभियान के दौरान भोपाल की बस्तियों में संस्था द्वारा विभन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गए , जो इस प्रकार है -

इस अभियान का उद्घाटन 25 नवंबर-अंतर्राष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस  के अवसर पर किया गया था। इस कार्यक्रम में महिला हिंसा विरोधी पखवाडा को मनाने का उद्देश साझा किया गया| श्री संपत उपाध्याय- एसपी साउथ और श्रीमती श्रद्धा जोशी- एएसपी (महिला अपराध प्रकोष्ठ) अतिथि रूप में पधारे थे | जिन्होंने समुदाय को मौजूदा कानूनी तंत्र का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया |  बस्ती के युवाओं ने पोस्टर के माध्यम से समुदाय में हिंसाओ को कम करने का संदेश दिया |

30 नवंबर 2019 को, पुरुष चौपाल का आयोजन जाटखेडी बस्ती में किया गया। इस जागरूकता सत्र का उद्देश्य समुदाय के सदस्यों, विशेष रूप से पुरुषों को शराब और मादक पदार्थ के नुकसान के बारे में तथ्यात्मक जानकारी प्रदान करना था श्री शुधीर भार्गव- निर्देशक प्रशुन ने बताया कि शराब / ड्रग्स हमारे शरीर, सामाजिक और पारिवारिक जीवन को किस प्रकार प्रभावित करते  हैं| 

विश्व एड्स दिवस के अवसर पर ढोलक बस्ती(घुमक्कड़  समुदाय) के लोगो को एचआईवी / एड्स बीमारी के बारे जागरूक किया साथ ही इस बीमारी को रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों के बारे में भी  जानकारी दी गई और लोगों से स्वास्थ्य आदतों और जीवन शैली को अपनाने के लिए कहा।

अभियान के  चौथे दिवस , महिलायों को राष्ट्रीय इंदिरा गाँधी मानव संग्घ्रालय का एक्सपोज़र विज़िट कराया गया, इस विजिट का उद्देश्य महिलाओं को आत्मानिर्भर और सशक्त बनाना था। इनमे से कुछ  महिलायों ने पहली बार घर से बाहर कदम रखा था।

सद्भावना दिवस पर लहरपुर बस्ती में महिलाओं पर हो रही हिंसा को समाप्त करने के लिए मानव श्रृंखला का निर्माण किया गया| जिसमे  महिलाओं द्वारा मौन विरोध कर पोस्टर के माध्यम से हिंसाओ का विरोध किया गया । किशोरियों को MPeCop ऐप (महिलाओं की सुरक्षा के लिए मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा बनाया गए एप ) के बारे में जानकारी दी गई और अपने साथ पेप्परस्प्रे से आत्मारक्षा के बारे में बताया गया |

मानवाधिकार दिवस के अवसर पर, अम्बेडकर बागामुगलिया  बस्ती के समुदाय के सदस्यों को संविधान और  उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित किया गया। आवाज संस्था के श्री नितेश व्यास ने महिलाओं को भारतीय संविधान में व्यक्त मूल्यों और सिद्धांतों के बारे में बताया और उन्हें भारत के लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी सही भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।

इस पुरे अभियान के तहत, 700 से अधिक लोगो को महिला हिंसा से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक किया गया।

लिजी थॉमस 

डायरेक्टर-उदय समाजिक विकास संस्था, जाटखेडी 

भोपाल 








 

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