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ओम शिवाय फिल्मस प्रस्तुत करेगी विंध्य की विरासत पर्यटन एवं संस्कृति
January 19, 2020 • Avi Dubey
 
विंध्य प्रदेश वर्ष 1946 में इसका गठन किया गया जिसमें बघेलखण्ड और बुन्देलखण्ड की रियासतों में मिलकर विंध्य प्रदेश का गठन किया जिसकी राजधानी रीवा की बघेलखण्ड के प्रमुख शहरों में रीवा, सतना, मैहर,चित्रकूट, सीधी, शहडोल, इसी तरह बुन्देलखण्ड के प्रमुख शहर पन्ना, छतरपुर,खजुराहो, ओरछा, टिकमगढ़ और दतिया सतना विंध्य प्रदेश का प्रवेश द्वार था। वर्ष 1956 में मध्यप्रदेश का जब गठन हुआ जिसमें भोपाल घटक महाकौशल, मालवा, और विंध्य प्रदेश मिलकर मध्यप्रदेश बना इस फिल्म की विषय वस्तु बघेलखंड और बुन्देलखंड के प्रमुख शहरों एवं वहां के धार्मिक, पुरातात्विक एवं कला संस्कृति पर्यटन को रेखांकित किया गया है, इस तरीके से विंध्य प्रदेश वन संपदा, वन्य जीवन, नदियां पहाड़, यहां के प्राकृतिक दृश्यावलियां एवं जलप्रपात यहां की बोली भाषा खान-पान रहन-सहन को विस्तार से इस फिल्म के माध्यम से दिखाने का एक प्रयास है।
विंध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थल चित्रकूट, मैहर शारदा धाम, अमरकंटक जहां से नर्मदा एवं सोन नदी का उद्गम हुआ है, चित्रकूट जहां भगवान राम ने साढ़े ग्याराह वर्ष अपने वनवास काल के व्यतीत किये थे जहां कण-कण में उनकी अनुभूति व्याप्त है इसी तरह ओरछा जो बुन्देलखण्ड का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां रामराजा का स्थान है कण-कण में भगवान राम के आदर्शों को देखा जा सकता है। पन्ना जिला जिसे मंदिरों की नगरी कहा जाता है जहां से प्रणामी संप्रदाय का प्रार्दुभाव हुआ जो कि संपूर्ण भारतवर्ष में प्रणामी संप्रदाय को मानने वाले हैं, प्राणनाथ मंदिर उनकी आस्था का प्रतीक है प्राकृतिक रूप से पन्ना नेशनल पार्क, बांधवगढ़ नेशनल पार्क जो विश्व प्रसिद्ध हैं, साथ ही रीवा रियासत सफेद शेर के जन्म स्थली रहा है आज मुकुन्दपुर सफेद शेर सफारी दर्शनीय है, रीवा के चारों ओर फैले प्राकृतिक सौन्दर्य जल प्रपात पूर्वा फाल, चचायी फाल और क्यूटी फाल अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के कारण पर्यटकों को आकर्षित करता है यह पूरा क्षेत्र अनादिकाल, विंध्य प्रदेश केा राष्ट्रीय गीत में प्रमुखता से स्थान है, कहते हैं रामचरित मानस का तुलसी दास जी ने जो रचना की वह चित्रकूट के क्षेत्र में ही रहकर इसकी रचना की थी, इसलिये यह प्रदेश धार्मिक रूप से पुराणों में इसका वर्णन है यहां के किले कालिंजर का किला अजेय माना जाता है जो विंध्य प्रदेश की धरोहर है, इसी तरह सीधी शहर की ओर चारों ओर फैले भंवर सेन में चन्द्रेह के शिव मंदिर आज भी पुरातात्विक रूप से अपना महत्व रखते हैं। खजुराहो विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकला के लिये पूरी दुनिया में जाना जाता है, अनोखा है विंध्य प्रदेश पर्यटन की दृष्टिकोण से यह स्थान रमणीय है और यहां पर बाराह माह पर्यटन, धर्म, आस्था, पुरातत्व, रीति-रिवाज, आदिवासी,वनवासियों का यहां निवास है। शहडोल और अमरकंटक यहां ऋषियों एवं संतों की तपोभूमि के रूप में विख्यात है नर्मदा का उद्गम एवं सोन नदी का उद्गम भारत की प्रमुख नदियों में इसकी गणना की जाती है। मित्रों जब भी समय मिले तो यहां आइये यह स्थान अद्भुत, अलौकिक आध्यात्मिक रूप से जागृत है।  
ओम शिवाय फिल्मस् की प्रस्तुति विंध्य की विरासत के अंतर्गत पर्यटन एवं संस्कृत पर आधारित यह वृत्त चित्र के निर्माण एवं सहयोगी टीम का परिचय
निर्माता निर्देशक हरि चैरसिया
कार्यकारी निर्माता आभा चैरसिया
फिल्म की परिकल्पना डाॅ. आकांक्षा
आलेख सभाजीत शर्मा
शोध अशोक मिश्र (पत्रकार)
छायांकन सुनील
सहायक छायांकन विष्णु सोनी
संपादन दिनेश कुशवाहा
पार्शवस्वर कुलदीप सक्सैना
उद्घोषिका डाॅ. प्रियांशी
वित्त प्रबंधन अभिनव/रिमझिम


प्रसारण-
पान वृत्त चित्र का प्रसारण भोपाल दूरदर्शन से हो चुका है।
खजुराहो अंर्तराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 2019 में जेल एक दास्तान, वन्यजीवों का संसार।
जी-इंस्टीट्यूट आॅफ मीडिया आर्ट, मुम्बई, हेंड्स आॅन फिल्म मैकिंग का अनुभव।



हरि चैरसिया
ओम शिवाय फिल्मस
निर्माता निदेशक
मो.नं. 8827150570


नोटः-
20 जनवरी 2020 इस फिल्म का प्रसारण भोपाल दूरदर्शन केन्द्र से रात्रि 07ः30 बजे  (प्राइम टाइम) में हेाने जा रहा है, जिसकी समय अवधि 22.50 मिनिट जिसका 26 एपिसोड है, जो प्रति सोमवार को प्रस्तुत किया जायेगा।