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स्वर्ण प्राशन (बच्चों के लिए आयुर्वेदिक रोग प्रतिरोधक)
January 11, 2020 • Avi Dubey
स्वर्ण प्राशन बच्चों के संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए, रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने के लिए एक आयुर्वेदिक, पूर्णतः सुरक्षित व्यवस्था है जिसमें 0 से लेकर 16 वर्ष तक की आयु के बच्चे को पूरे एक वर्ष तक प्रतिमाह पुष्य नक्षत्र वाले दिन औषधि़ शहद युक्त दवा की ड्राप्स पिलाई जाती हैंा ड्राप्स स्वाद में मीठी होने के कारण बच्चे इसे आसानी से लेते हैंा 
 
स्वर्ण प्राशन क्या है?
स्वर्ण प्राशन एक पूर्णतया आयुर्वेदिक विधि है जो हजारों वर्षों से उपयोग में लाई जा रही हैा वर्तमान में आयुर्वेद की सभी प्राचीन तकनीक दक्षिण भारत में अधिक प्रचलित हैंा उत्तर भारत में आयुर्वेद विशेषज्ञता केंद्र बहुत कम होने के कारण यहाँ पर आयुर्वेद की उत्कृष्ट तकनीकों की सुविधा सामान्य जनता को उपलब्ध नहीं हो पाती है। बच्चों को जन्म घुटी देना स्वर्ण प्राशन का एक प्रतीक है जो आज भी परंपरा के नाम पर किया जाता है। स्वर्ण प्राशन हेतु स्वर्ण, शहद, वच, ब्राहमी आदि औषधियों से तैयार ड्राप्स को महीने में एक बार चिकित्सक की देखरेख में दिया जाता है। प्राचीन समय में जब आज के समय जैसे टीके, रोग प्रतिरोधक क्षमता वर्धक औषधियाँ नहीं थी तब आयुर्वेद द्वारा ही सभी रोगों की व्यवस्था की जाती थी।
स्वर्ण प्राशन का मूल उद्देश्य बच्चे के शारीरिक, मानसिक विकास के साथ साथ उसकी शरीर को विभिन्न रोगों से लड़ने में सक्षम बनाना हैा वास्तव में स्वर्ण प्राशन  का अंतिम लक्ष्य बच्चे को  पूरी जिंदगी में कम से कम दवाओं की आवश्यकता रहे यही है।
 
स्वर्ण प्राशन कैसे होता है?
स्वर्ण प्राशन के लिए चिकित्सक द्वारा आपके बच्चे का परीक्षण कर सभी आवश्यक जानकारी जैसे लंबाई, वजन, बार बार होने वाले रोग, खान-पान संबंधी जानकारी को रिकार्ड किया जाएगा। प्रत्येक महीने स्वर्ण प्राशन वाले दिन आपके बच्चे को औषधि पिलाई जाएगी तथा खान-पान व जीवन शैली संबंधित सभी जानकरी दी जाएगी। प्रति माह बच्चे के स्वास्थ्य के लिए निर्धारित 20 मापदंडो के आधार पर तुलना करते हुए बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास का निर्धारण किया जाएगा। स्वर्ण प्राशन वाले दिन की जानकरी आपको फोन व व्हाट्सएप द्वारा एक सप्ताह पूर्व प्रेषित कर दी जाएगी। 
 
स्वर्ण प्राशन के लाभ- 
1. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती हैा
.2. बच्चों में बार-बार होने वाली बीमारियाँ जैसे खाँसी, जुकाम, बुखार, पेट दर्द, सिर दर्द, शरीर मे दर्द जैसी समस्याएँ धीरे धीरे कम होकर समाप्त हो जाती हैं।
3. भूख अच्छी लगती है, बुद्धि, मेमोरी का विकास होता है।
4. संपूर्ण शारीरिक व मानसिक विकास के लिए आवश्यक सभी तत्वों की पूर्ति करने के सक्षम है।
5. शरीर से दूषित पदार्थों को बाहर निकालने के कारण त्वचा को बेहतर बनाता है।
6. आँखों, कानों की कार्यशक्ति में सुधार होता है।
7. बाजार में उपलब्ध केमिकल युक्त सपलिमेंट्स व दवाओं से बेहतर तथा हानि रहित है।
8. प्रति माह चिकित्सक द्वारा बच्चे के स्वास्थ्य की जाँच व सलाह प्राप्त होती है।
 
आपको क्या करना है?
प्रथम दिन आपसे बच्चे के बारे में जानकारी लेकर रिकार्ड की जाएगी जैसे भूख की स्थिति, खाने की आदतें, बुद्धि क्षमता, याददाश्त की स्थिति, बार बार होने वाले रोग जैसे खाँसी, जुकाम, बुखार, पेट संबंधित समस्याएँ, वजन, लंबाई आदि। इसके बाद प्रत्येक महीने पर आपको निश्चित दिन अपने बच्चे को दवा पिलाने के लिए लाना है जिसमें चिकित्सक बच्चे को दवा पिलाने के साथ-साथ बच्चे की स्वास्थ्य जाँच भी करेंगे। प्रत्येक बार आपसे सभी प्रश्न भी पूछे जाएँगे इसलिए आप इन सब बातों पर ध्यान देकर उत्तर दे ताकि हम स्वर्ण प्राशन से आपके बच्चे को हो रहे लाभ का सही निर्धारण कर सकें। साथ ही प्रत्येक बार आपको बच्चे के लिए खान-पान समबन्धी जानकारी के बारे में बताया जाएगा। यदि आपको उन निर्देशों का पालन करने में कोई कठिनाई होती है उनका निराकरण भी आपको बताया जाएगा।
 
क्या कोई परहेज करना होता है?
जी हाँ। स्वर्ण प्राशन अपने आप में एक औषधि है इसलिए आपको अपने बच्चे को मैदा की बनी चीजें, बाजार का खाना, आइसक्रीम, खट्टी चीजें जितना हो सके नहीं देनी चाहिए। दवा पिलाने के बाद आधे घंटे तक बच्चे को खाने-पीने की कोई वस्तु न दें।
 
क्या स्वर्ण प्राशन के बाद अन्य टीके लगवाने की आवश्यकता है?
जी हाँ। स्वर्ण प्राशन अपने आप में किसी रोग विशेष का टीका नहीं हैा बच्चे की समय समय पर लगवाने योग्य टीके जैसे पोलियो, हेपेटाइटिस आदि अवश्य लगवाने चाहिए।
 
क्या स्वर्ण प्राशन की औषधि बच्चों के लिए सुरक्षित है?
जी हां। स्वर्ण प्राशन की औषध पूर्णतः वैज्ञानिक विधि से निर्मित होती है तथा वर्ष 2012 में के एल ई यूनिवर्सिटी कर्नाटक में व वर्ष 2015 में काशी हिंदू विश्व विद्यालय, वाराणसी में हुए शोधों से यह स्पष्ट हो चुका है कि चिकित्सक की देखरेख में दी गयी स्वर्ण प्राशन औषधि बच्चों के लिए एकदम सुरक्षित है। इस बर्ष का प्रथम पुष्य  स्वर्ण प्राशन 12 जनवरी को है। 
 
अन्य जानकारी के लिए आप संपर्क भी कर सकते हैं ..
 
साभार 
डॉ नेहा रेजा
 डायरेक्टर ऑफ केरला आयुर्वेद रिट्रीट पंचकर्म सेंटर होशंगाबाद रोड भोपाल