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टाईपिंग बोर्ड घोटाले मामले में 20 आरोपितों के खिलाफ पूरक चालान पेश
January 24, 2020 • Avi Dubey

भोपाल। टाईपिंग बोर्ड घोटाले मामले में आरोपित 20 लोगों के खिलाफ एसटीएफ ने शुक्रवार को विशेष अदालत में पूरक चालान पेश किया है। इस मामले में पूर्व में भी 17 आरोपित टाईपिंग बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ चालान पेश किया जा चुका है। मामले में अभी अन्य आरोपितों के खिलाफ भी चालान पेश किया जाना शेष है। एसटीएफ के उप पुलिस अधीक्षक अजय बहादुर लावरे ने शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश संजीव कुमार पाण्डेय की अदालत में आरोपित छात्र साधना बिस्मिल, परथ सिंह रामपुरे, रेनू राजपूत, विजय सिंह, अंजली यादव, अभिलाष यादव, सोम राजपूत, अंजली यादव, अवधेश शर्मा, अनुराधा तिवारी, वर्षारानी गुप्ता, अंकित कुलश्रेष्ठ, राहुल राजपूत, अमरीश कुमार दुबे, वैशाली जैन, प्रियंका राजपूत, वर्णिका चंदेल, महेन्द्र साहू , नीतू उपाध्याय और मोनिका विश्वकर्मा के खिलाफ

चालान पेश किया है। इनमें से सभी आरोपित प्रदेश की जिला न्यायालयों और पुलिस विभाग में स्टेनो टाईपिस्ट की नौकरी पाने में भी सफल हो गए थेएसटीएफ के पौने पांच सौ पन्नों के चालान में 33 गवाहों की सूची पेश की गई हैमामले में एसटीएफ आगे जांच कर टाईपिंग सेंटर संचालकों, टाईपिंग बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी पूरक चालान पेश करेगीक्या है मामला वर्ष 2013 में लोकशिक्षण संचानालय के अंतर्गत टाईपिंग बोर्ड द्वारा प्रदेशभर में हिन्दी-अंग्रेजी टाईपिंग और शार्टहेंण्ड परीक्षा आयोजित की गई थीइन परीक्षाओं के दौरान टाईपिंग बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने दलालों के साथ मिलकर परीक्षा में अयोग्य छात्र छात्राओं को उनकी उत्तरपुस्तिकाओं में कॉट छॉट करके उत्तीर्ण घोषित कर दिया थाइस संबंध में जब एसटीएफ को शिकायत प्राप्त हुई तो पता चला कि टाईपिंग बोर्ड के अधिकारियों, कर्मचारियों ने दलालों के साथ मिलकर मोटी राशि प्राप्त कर अयोग्य परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में फलूट सफेदा लगाकर सही उत्तर किसी विशेषज्ञ की सहायता लिखवाए थे। शार्टहेंण्ड की उत्तर पुस्तिकाओं में एक ही राईटिंग में सही उत्तर लिखे गए थे। इसी तरह टाईपिंग की उत्तर पुस्तिकाओं में भी कोरे स्थानों पर टाईप कर अयोग्य परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण किया गया थाइसके लिए परीक्षार्थियों से मोटी राशि प्राप्त की गई थी। आरोपित परीक्षार्थी प्रदेश की जिला न्यायालयों और पुलिस विभाग में नौकरी पाने में भी सफल हो गए थे