ALL Current events Technology Social RGPV Updates COVID-19
विज्ञान की प्रगति लिए ’’स्वयं करके देखों’’ वाली प्रवृत्ति  विकसित करना होगी- धीरेन्द्र चतुर्वेदी 
January 22, 2020 • Avi Dubey

भोपाल - 22 जनवरी 2020

भारत सरकार की राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद नई दिल्ली के सहयोग से साइन्स सेन्टर (ग्वा.) मप्र द्वारा आयोजित कम लागत के विज्ञान प्रयोग कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मेजबान संस्था आई.ए.एस.ई. के प्राचार्य श्री धीरेन्द चतुर्वेदी ने कहा कि विज्ञान सीखा जाता है, उसे पढ़ाया नही जा सकता । शिक्षक केवल मार्गदर्शक के रूप में काम कर सकते है, और छात्रों को अपने आप विज्ञान सीखने में सहायता कर सकते है, और सबसे महत्वपूर्ण यह है, कि विज्ञान को पाठ्यपुस्तकों के द्वारा नही बल्कि प्रत्यक्ष रूप से अवलोकन करके प्रश्न पूछ कर और अपने हाथो से प्रयोग करके सीखा जा सकता है । जिज्ञासा विज्ञान सीखने में सबसे ज्यादा आवश्यक है, और यह सभी विद्यार्थियों की बड़ी सम्पत्ति होती है। इसे दबाने के बजाए प्रोत्साहित और उचित ढ़ंग से निर्देशित करना होगा । यह कार्यशाला प्रगत शैक्षणिक अध्ययन संस्था (पी.जी.बी.टी. कॉलेज) बैरसिया रोड, भोपाल में दिनांक 25 जनवरी 2020 तक आयोजित की जायेगी । कार्यक्रम में साइन्स  सेन्टर (ग्वा.) मप्र की प्रदेश सचिव श्रीमती संध्या वर्मा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ भी परम सत्य नही है, विज्ञान में एक सिद्धांत की खोज होती है लेकिन कुछ समय बाद आगे नई खोज होने पर वह सिद्धांत कुछ हद तक बदल जाता है । उनका कहना था कि विज्ञान सीखने के लिए रटने की प्रवृत्ति को खत्म करना होगा ।

फूला हुआ गुब्बारा अपने आकार से छोटे मुॅह की बॉटल में चला गया और सुई पानी पर तैरने लगी-

श्री सुरेष अग्रवाल ने प्रतिभागियों को जब एक गुब्बारे को बॉटल में डालने को कहा तो प्रतिभागियों ने दाब लगाकर उसे अन्दर करने का प्रयास किया लेकिन वह अन्दर नही गया बाद में एक जलती तीली बॉटल में डालने पर वह अपने आप अन्दर चला गया । इसी प्रकार उन्होने पानी के उपर सुई को तैराकर बताया । इस प्रकार के अनेक प्रयोग श्री सुरेश अग्रवाल ने प्रतिभागियों से कराये और उसके पीछे के सिद्धांत बताने का प्रयास किया ।

कार्यशाला में भोपाल संभाग के विभिन्न जिलों के 100 शिक्षक भाग ले रहे है । प्रतिभागियों को अगले चार दिवस में कम लागत के विज्ञान प्रयोग, प्रकृति अध्ययन गतिविधियॉ, खगोलीय गतिविधियॉ, चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या विषयों पर गतिविधियॉ कराई जायेगी । साथ ही एक मेगा मैजिक शो का भी आयोजन किया जायेगा तथा उसमें दिखाये गये मैजिक के पीछे का विज्ञान भी समझाया जायेगा । कार्यशाला में स्त्रोत विद्धान के रूप में नागपुर के श्री सुरेश अग्रवाल, कानपुर के विज्ञान संचारक श्री मनीष कुमार, रायसेन के श्री दीपक सोनी, देवास की डॉ. रफअत कुरैशी प्रशिक्षण दे रहे है ।

श्रीमती संध्या वर्मा
प्रदेश सचिव
साइन्स सेन्टर (ग्वा.) म0प्र0